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पीएचडी कितने साल का कोर्स है, 12वीं के बाद पीएचडी कैसे करें – सम्पूर्ण जानकारी 

पीएचडी के कोर्स ड्यूरेशन के बारे में अधिकतर स्टूडेंट्स को कन्फूजन होता है। कई जगह सुनने में आता है की पीएचडी 3 साल में हो जाती है, तो कई जगह बताते है की 3 से 5 साल या 3 से 6 साल में हो जाती है आखिरकार पीएचडी कितने साल का कोर्स है ? इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको सही में बताएँगे की आखिरीकर पीएचडी कोर्स का ड्यूरेशन कितना होता है यानी कि आप कितने दिनों में अपना पीएचडी कोर्स कंप्लीट कर सकते हैं। इसके साथ ही आपको बताएँगे की 12वीं के बाद पीएचडी कैसे करें, कितना खर्चा आता है और पीएचडी के लिए उम्र सीमा क्या है।   

पीएचडी-कितने-साल-का-कोर्स-है

पीएचडी कितने साल का कोर्स है ?

Phd Regulation 2016 के तहत UGC ने बताया है की पीएचडी कोर्स कंप्लीट करने का न्यूनतम अवधि 3 साल होता है, वही अधिकतम 6 साल होता है। यानि की पीएचडी का मिनिमम ड्यूरेशन 3 साल और मैक्सिमम 6 साल है, इसके अलावा भी कुछ पार्टिकुलर स्टूडेंट को कुछ और छूट दिए जाते हैं जैसे की यदि आप एक फीमेल रिसर्चर हैं या आप पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आते हैं और आपका डिसेबिलिटी 40% से अधिक है तो आपको अपना पीएचडी कंप्लीट करने  2 साल का समय ओर दिया जा सकता है। यानी कि आपके पास कुल मिलाकर के अधिकतम 8 साल का समय पीएचडी कंप्लीट कर लेने का होता है। 

इसके साथ ही यदि आप वुमन केटेगरी से आते हैं या फिर आप एक फीमेल है तो आपको एक और रिलैक्सेशन मिलता है और वह है मटेरलिटी लीव और उसके साथ-साथ चाइल्ड केयर लिव जो कि आपके पूरे पीएचडी के दौरान 240 दोनों का मिलता है यानी कि ओवरआल देखा जाए तो एक फीमेल कैटेगरी के स्टूडेंट को पीएचडी कंप्लीट करने के लिए लगभग 9 साल दिया जाता है, जो की बहुत जरूरी भी है। 

पीएचडी-कितने-साल-का-कोर्स-है

एक नॉर्मल स्टूडेंट को पीएचडी कम्पलीट करने के लिए 3 से 6 साल का समय दिया जाता है, लेकिन बहुत सारे यूनिवर्सिटी मैक्सिमम टाइम ड्यूरेशन 5 साल भी रखते हैं, लेकिन यूजीसी रेगुलेशन 2016 के तहत साफ-साफ मेंशन है की आपको पीएचडी के लिए मिनिमम 3 साल और मैक्सिमम 6 साल दिए जाएंगे। आप की जानकारी के लिए बता दे की जो मिनिमम 3 साल दिए गए है उसमें 6 महीना का कोर्स वर्क भी शामिल होता है यानी कि 3 साल के अलावा कोर्स वर्क नहीं होगा, ऐसा नहीं है कि कोर्स वर्क को लेकर के आपको मिनिमम 3.5 साल लग जाएंगे।  इसलिए नार्मल स्टूडेंट्स को पीएचडी कम्पलीट करने के लिए मिनिमम 3 साल ही लगेगा यानी की 3 साल से पहले आप अपना थीसिस सबमिट नहीं कर सकते हैं।  

कई स्टूडेंट्स के जहन में एक सवाल आता है की जैसे UG के लिए 3 साल और PG के लिए 2 साल का समय फिक्स्ड होता है तो क्या पीएचडी के लिए ऐसा नहीं होता है ? तो इसका जवाब है की पीएचडी में फिक्स्ड ड्यूरेशन नहीं होता है क्योंकि आप सभी को पता है कि UG PG  में एक सिलेबस होता है, उसी सिलेबस को आपको एक सर्टेन टाइम में कंप्लीट करना होता है, उसके बाद एग्जाम होता है और उसके बाद आप क्वालीफाई करके डिग्री ले लेते हो। 

पीएचडी  के केस में आप एक फिक्स्ड समय में डिग्री नहीं ले सकते हो। यहां पर आपको एक प्रॉब्लम को चुनना होता है, इसके बाद उस प्रॉब्लम पर डाटा कलेक्शन और उसको एनालाइज करना होता है और उनसे आपको इनफॉरमेशन निकाल करके एक कुछ नया चीज समाज के सामने प्रस्तुत करना होता है। यानि की आपको कुछ शोध करके लोगों के सामने लाना होता है जो की बहुत आसान काम नहीं है। कुछ नया खोज करना बहुत ही मुश्किल काम है इसी वजह से यहां पर 3 साल से 6 साल का कॉन्सेप्ट UGC लेकर आया गया है। ओवरआल हम कह सकते है की मिनिमम 3 साल में आप अपना पीएचडी कंप्लीट कर सकते हैं और मैक्सिमम आप 6 साल का समय ले सकते हो, हालाँकि कुछ विशेष परिस्थितियों में आप 8 से 9 साल तक का समय भी ले सकते हो। 

12वीं के बाद पीएचडी कैसे करें ?

जैसी ही स्टूडेंट्स 12 वीं पास कर लेते है उनको ग्रेजुएशन की चिंता लग जाती है, कई स्टूडेंट पीएचडी के बारे में सोचते है, लेकिन आप को बता दे की आप 12 वीं के बाद डायरेक्ट पीएचडी नहीं कर सकते है,आपको पहले ग्रेजुएशन करना होगा, उसके बाद आपको मास्टर डिग्री करना होगा, उसके बाद ही आप पीएचडी में एडमिशन ले सकते है।     

अब सबसे पहले बात कर लेते कि इसके लिए क्या मिनिमम क्वालिफिकेशन होनी चाहिए तो देखोगे पीएचडी करने के लिए जरूरी है कि आपकी मास्टर डिग्री कंप्लीट होनी चाहिए या फिर आपका एमफिल कंप्लीट होना चाहिए। पीएचडी का कोर्स सामान्य 3 साल का होता है लेकिन इसको करने में स्टूडेंट को जनरली 4 से 5 साल लग जाते हैं। 

12वीं के बाद पीएचडी कैसे करें

कई स्टूडेंट्स का सवाल होता है की पीएचडी करने के लिए कितने परसेंटेज मार्क्स होने चाहिए तो आपको बता दे की आपकी क्लास 12th के मार्क्स इंर्पोटेंट नहीं है यानी कि आपकी क्लास 12th में मार्क्स ज्यादा है या कम है  उससे कोई मतलब नहीं है। आप बस क्लास 12 पास हो वह आपके लिए काफी है। अब बारी आती है ग्रेजुएशन की, ग्रेजुएशन में कितने परसेंटेज मार्क्स होने चाहिए तो आपको बता दे की ग्रेजुएशन के भी मार्क्स इंर्पोटेंट नहीं है, अगर आपके ग्रेजुएशन में थोड़े कम मार्क्स आ गए तो आपको बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। सबसे इंपोर्टेंट पोस्ट ग्रेजुएट होता है यानी कि जो ग्रेजुएशन के बाद हम लोग 2- 3 साल का जो पीजी करते हैं वह सबसे ज्यादा इंपोर्टेंट होता है। 

PG आप किसी भी सब्जेक्ट या किसी भी स्ट्रीम  से कर सकते हैं जैसे कि एमकॉम, एमए, एमएससी जो भी आपको करना है। अब बारी आती है कि पोस्ट ग्रेजुएट में कितने परसेंटेज मार्क्स होने चाहिए तो आपको बता दे की अगर आप जनरल केटेगरी से हो तो पीजी में आपके मिनिमम 55% मार्क्स होने चाहिए और अगर आप रिजर्व कैटेगरी से हो तो मिनिमम आपके 50% मार्क्स होने चाहिए। इसके बाद आप NET/JRF या RET/SIT के थ्रू पीएचडी में एडमिशन ले सकते है।  

पीएचडी करने में कितना खर्च आता है?

अगर आपने JRF (जूनियर रिसर्च फैलोशिप ) क्वालीफाई कर लिया है तो फाइनली आपको पढ़ाई करने के लिए फैलोशिप मिलेगी जो लगभग 35000 रुपए/महीना होगी और जब तक आप पढ़ाई करोगे तब तक वह आपको अधिकतम 5 साल तक मिलती रहेगी तो यहां पर आपका अपना कुछ नहीं लगने वाला है क्योंकि फेलोशिप के माध्यम से ही आप आसानी से पढ़ाई भी कर सकते है और इससे आपका बहुत सारा पैसा भी बच जाएगा या फिर आप इसे अन्य उपयोग में भी ले सकते है।

पीएचडी करने में कितना खर्च आता है

 लेकिन यदि आपको फैलोशिप नहीं मिली है यानि की आप सिर्फ नेट क्वालीफाई हो और आप किसी नेशनल यूनिवर्सिटी से पीएचडी करते हो तो भी आपको कुछ मात्रा में अमाउंट दिया जाता है। लेकिन यदि आपने नेशनल यूनिवर्सिटी से भी पीएचडी नहीं की है और आपने JRF भी क्वालीफाई नहीं किया है तो उसके बाद आपको कितनी फीस देनी पड़ेगी ? 

आपकी जानकरी के लिए बता दे की अगर आप किसी गवर्नमेंट या ऐडेड यूनिवर्सिटी से पीएचडी करते हैं तो आपको बहुत ज्यादा फीस नहीं देनी पड़ेगी। आपको लगभग लगभग ₹5000 से लेकर ₹20000/वार्षिक के हिसाब से फीस देनी पड़ेगी वहीं अगर आप प्राइवेट यूनिवर्सिटी से पीएचडी करते हैं तो यहां आकड़ा ₹50000 से लेकर ₹1 लाख के बीच में हो सकता है तो यह डिपेंड करता है कि आप कहां से पीएचडी के लिए एनरोलमेंट कर रहे हैं। अगर आप प्राइवेट यूनिवर्सिटी से पीएचडी करेंगे तो आपको ज्यादा फीस पे करनी पड़ेगी और अगर आप गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी से पीएचडी करेंगे तो आपको बहुत कम फीस में काम चल जायेगा। 

यह भी पढ़े – 👉 पीएचडी करने के बाद सैलरी कितनी मिलती है ?

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